• Fri. Jun 12th, 2026

अलवर की राजनीति के ‘भीष्म पितामह’ का निधन: 4 बार के विधायक बाबूलाल बैरवा ने ली अंतिम सांस; कांग्रेस, बीजेपी और निर्दलीय के रूप में रहे कठूमर के सिरमौर

अलवर/कठूमर (राजस्थान)। राजस्थान की राजनीति के एक अनुभवी स्तंभ और कठूमर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बाबूलाल बैरवा का रविवार तड़के 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले करीब 20 दिनों से बीमार चल रहे थे और जयपुर के एसएमएस (SMS) अस्पताल में उनका उपचार जारी था। रविवार सुबह लगभग 3 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली, जिसके बाद पूरे अलवर जिले और विशेष रूप से कठूमर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है。

image 14
अलवर की राजनीति के 'भीष्म पितामह' का निधन: 4 बार के विधायक बाबूलाल बैरवा ने ली अंतिम सांस; कांग्रेस, बीजेपी और निर्दलीय के रूप में रहे कठूमर के सिरमौर 4

राजनीतिक सफर: दल बदले पर जनता का भरोसा नहीं

बाबूलाल बैरवा राजस्थान के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने निर्दलीय से लेकर कांग्रेस और भाजपा (BJP) तक, हर मंच से जीत का स्वाद चखा。 उनका राजनीतिक ग्राफ उनकी लोकप्रियता और जमीनी पकड़ का सबसे बड़ा प्रमाण है:

  • 1980 (निर्दलीय): पहली बार एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे。
  • 1985 (कांग्रेस): कांग्रेस के टिकट पर दूसरी बार जनता का प्रतिनिधित्व किया。
  • 2008 (भाजपा): भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़कर फिर से विधायक चुने गए。
  • 2018 (कांग्रेस): एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता सिद्ध की。
image 15
अलवर की राजनीति के 'भीष्म पितामह' का निधन: 4 बार के विधायक बाबूलाल बैरवा ने ली अंतिम सांस; कांग्रेस, बीजेपी और निर्दलीय के रूप में रहे कठूमर के सिरमौर 5

लोकल इम्पैक्ट: कठूमर के विकास के पर्याय (Background Info)

बाबूलाल बैरवा केवल एक नेता नहीं, बल्कि कठूमर के विकास के वास्तुकार माने जाते थे。

  • बुनियादी ढांचा: उनके कार्यकाल में कठूमर क्षेत्र में सड़क नेटवर्क, पेयजल योजनाओं और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए。
  • जमीनी नेता: वे खेड़ली बाइपास रोड स्थित अपने निवास पर हमेशा आमजन के लिए उपलब्ध रहते थे, जिससे उनकी छवि एक ‘जनता के विधायक’ की बनी。
  • राजनीतिक शून्य: उनके निधन को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति बताया है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है。

सेहत और अंतिम यात्रा (Data Points)

विवरणजानकारी
जन्मनवंबर 1953
निधन की तिथि3 मई 2026 (रविवार)
बीमारी का कारणबीपी, शुगर और अस्थमा
कुल विधायक कार्यकाल4 बार
निवासखेड़ली बाइपास रोड, अलवर

हाइपर-लोकल कनेक्शन: खेड़ली और आसपास का माहौल

उनके निधन की खबर मिलते ही खेड़ली और कठूमर के बाजार स्वतः ही बंद होने लगे हैं। बड़ी संख्या में उनके समर्थक और विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधि उनके निवास पर एकत्रित हो रहे हैं。 उनका पार्थिव शरीर जयपुर से उनके पैतृक निवास लाया जाएगा, जहाँ आमजन उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे。 अंतिम यात्रा में पूरे जिले से भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन भी मुस्तैद है。

image 16
अलवर की राजनीति के 'भीष्म पितामह' का निधन: 4 बार के विधायक बाबूलाल बैरवा ने ली अंतिम सांस; कांग्रेस, बीजेपी और निर्दलीय के रूप में रहे कठूमर के सिरमौर 6

Smart FAQ Section: बाबूलाल बैरवा के जीवन से जुड़े सवाल

1. बाबूलाल बैरवा कितनी बार विधायक रहे?

वे अपने राजनीतिक जीवन में कुल 4 बार विधायक चुने गए。

2. उन्होंने किन-किन पार्टियों से चुनाव जीता?

उन्होंने निर्दलीय, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तीनों के बैनर तले चुनाव जीता है。

3. उनका अंतिम संस्कार कहाँ होगा?

उनका अंतिम संस्कार उनके निवास क्षेत्र खेड़ली (कठूमर) में किया जाएगा。

Editor’s Note: एक युग का अंत

निष्कर्ष: बाबूलाल बैरवा का निधन राजस्थान की राजनीति के उस अध्याय का अंत है जहाँ विचारधारा से ऊपर उठकर ‘जनसेवा’ और ‘व्यक्तिगत संपर्क’ को प्रधानता दी जाती थी。 उनका चार अलग-अलग चुनावों में अलग-अलग परिस्थितियों में जीतना यह दर्शाता है कि कठूमर की जनता ने हमेशा दल से ऊपर उठकर उनके व्यक्तित्व को चुना。 आज के दौर में जब दलीय निष्ठाएं तेजी से बदलती हैं, बाबूलाल बैरवा का सफर सिखाता है कि यदि आपका काम जमीन पर है, तो जनता आपको हर बार सिर-आंखों पर बिठाएगी।

You missed