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जयपुर में ‘ओनर और रिवेंज क्राइम’ का खौफनाक रूप: बहन की मौत का बदला लेने के लिए मेडिकल स्टूडेंट को कुल्हाड़ी से काटा, 8 दिन से वेंटिलेटर पर; रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो आया सामने

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर इन दिनों कानून को हाथ में लेने और तालिबानी तरीके से ऑन-द-स्पॉट इंसाफ (रिवेंज क्राइम) करने की एक बेहद दहला देने वाली वारदात की गवाह बनी है। जयपुर के एक पॉश इलाके में अपनी सगे बहन की संदिग्ध मौत से आक्रोशित भाई ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसके मेडिकल स्टूडेंट दोस्त पर कुल्हाड़ी और लाठियों से आत्मघाती हमला कर दिया। बदमाशों ने युवक को सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर सिर, गर्दन और हाथ-पैर पर कुल्हाड़ी से तब तक काटा जब तक कि वह अधमरा नहीं हो गया। घायल मेडिकल छात्र पिछले 8 दिनों से जयपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच वेंटिलेटर पर जंग लड़ रहा है। इस पूरी बर्बरता का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

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जयपुर में 'ओनर और रिवेंज क्राइम' का खौफनाक रूप: बहन की मौत का बदला लेने के लिए मेडिकल स्टूडेंट को कुल्हाड़ी से काटा, 8 दिन से वेंटिलेटर पर; रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो आया सामने 2

अपराध की क्रोनोलॉजी: धमकी भरा फोन और 2 मिनट बाद आई लहूलुहान खबर

यह रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला 8 जुलाई 2026 को अंजाम दिया गया, जिसकी कड़ियां 5 जुलाई से जुड़ती हैं। झुंझुनूं के रहने वाले एक बेबस 54 वर्षीय पिता ने 13 जुलाई को जयपुर के संबंधित थाने में नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। पिता की जुबानी, उस ‘ब्लैक डे’ की पूरी कहानी इस प्रकार है:

तारीख और समय (जुलाई 2026)घटनाक्रम / लोकेशन (Landmark)क्या हुआ?
05 जुलाई 2026जयपुर स्थित युवती का फ्लैटमेडिकल स्टूडेंट (दोस्त) अपनी सहेली और उसके भाई के फ्लैट पर रुका था।
06 जुलाई, सुबह 08:00 बजेफ्लैट का अंदरूनी कमरायुवती का शव चुन्नी के फंदे से लटका मिला; भाई ने हत्या का आरोप लगाया।
08 जुलाई, दोपहरझुंझुनूं (पिता का घर)मां के फोन पर धमकी आई— “तुम्हारे बेटे ने मेरी बहन मारी, अब हम उसे कुल्हाड़ी से काटेंगे।”
08 जुलाई, दोपहर बादजयपुर की सड़कभाई और उसके साथियों ने मेडिकल स्टूडेंट को घेरकर कुल्हाड़ी से काट डाला।

फ्लैट में फंदे से लटकी मिली थी बहन: ‘सुसाइड बनाम मर्डर’ का उलझा पेच

थानाधिकारी और डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा के अनुसार, मृतका जयपुर में अपने भाई के साथ एक फ्लैट में रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी। पिलानी के एक कॉलेज से डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा पीड़ित युवक (मृतका का दोस्त) घटना से एक रात पहले उनके फ्लैट पर आया था। रात को भाई-बहन अपने कमरों में सोए और दोस्त हॉल में सोया था।

अगले दिन सुबह जब भाई उठा, तो बहन का शव फंदे पर लटका मिला।

परिजनों का संगीन आरोप: लड़की के परिवार वालों का दावा है कि यह सुसाइड नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या है। उनका आरोप है कि रात को युवक और उनकी बेटी के बीच गंभीर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद युवक ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया। इस शिकायत पर पुलिस ने 11 जुलाई को युवक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।

आईसीयू के बाहर भी मंडरा रहा है मौत का साया: पिता को मिल रही धमकियां

इस संदिग्ध मौत का बदला लेने के लिए भाई ने कानून को पूरी तरह ठेंगे पर रख दिया। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर जाल बिछाया और 8 जुलाई को मेडिकल स्टूडेंट को बीच सड़क पर घेर लिया।

  1. बर्बरता की हदें पार: हमलावरों ने कुल्हाड़ी से युवक की गर्दन और सिर पर इतने गहरे वार किए कि डॉक्टरों को टांके लगाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। हमलावर उसे मरा हुआ समझकर नाले के पास फेंक कर भाग गए थे।
  2. अस्पताल में भी खौफ: बेबस पिता ने पुलिस को बताया कि बेटा महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है, लेकिन बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब भी फोन करके धमकी दे रहे हैं कि— “बेटा अस्पताल से जिंदा बाहर नहीं निकलना चाहिए, हम उसे अंदर ही वार्ड में मार डालेंगे।”
  3. वीडियो एविडेंस: पुलिस को एक सीसीटीवी/मोबाइल वीडियो मिला है जिसमें दो लड़के लाठियों और कुल्हाड़ी से युवक पर ताबड़तोड़ वार करते साफ नजर आ रहे हैं।

‘ऑन-द-स्पॉट इंसाफ’ की मानसिकता और भारतीय न्याय संहिता के कड़े नियम (E-E-A-T Insights)

जयपुर में हुई यह वारदात समाज में कानून के डर के खत्म होने और ‘रिवेंज सिंडिकेट’ (बदला लेने की मानसिकता) के हावी होने का एक खतरनाक उदाहरण है।

कानूनी प्रावधान और धाराएं:

  • जानलेवा हमला और हत्या का प्रयास (BNS की धारा 109): किसी पर कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार से सिर और गर्दन (Vital Organs) पर वार करना सीधे तौर पर ‘अटेम्प्ट टू मर्डर’ की श्रेणी में आता है। इसमें कोर्ट से सीधे आजीवन कारावास (उम्रकैद) तक की सजा का प्रावधान है।
  • समानांतर जांच: पुलिस अब दो अलग-अलग कड़ियों पर काम कर रही है। पहली— 11 जुलाई को दर्ज हुई युवती की संदिग्ध मौत (मर्डर केस) की जांच, जिसके लिए एफएसएल (FSL) की रिपोर्ट का इंतजार है। दूसरी— 8 जुलाई को मेडिकल छात्र पर हुए जानलेवा हमले के आरोपियों की धरपकड़। डीसीपी राजर्षि राज वर्मा ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों को एक्टिव कर दिया है।

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