राजस्थान में एक निजी कंपनी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद प्रदेश भर के करीब 900 से अधिक पेट्रोल पंपों पर अब आम उपभोक्ताओं को ईंधन के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। कंपनी द्वारा जारी किए गए नए रेट तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
इस मूल्य वृद्धि के कारण वाहन चालकों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। पिछले कुछ समय से ईंधन की कीमतों में स्थिरता के बाद अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने दैनिक यात्रियों और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों के बजट को बिगाड़ दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के पेट्रोल पंपों पर नई कीमतों को अपडेट कर दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण हो सकती है। हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर अभी भी पुरानी दरें ही बनी हुई हैं, जिससे निजी कंपनी के पंपों पर ग्राहकों की संख्या में गिरावट आने की संभावना है।
राज्य के विभिन्न जिलों में पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि उन्हें कंपनी की ओर से कीमतों में बदलाव का निर्देश मिला था, जिसके बाद उन्होंने अपने डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर नई कीमतें प्रदर्शित कर दी हैं। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और उपभोक्ताओं की ओर से इस मुद्दे पर व्यापक प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है, क्योंकि महंगाई का सीधा असर आम आदमी के मासिक खर्च पर पड़ता है।