महिला आरक्षण बिल के संसद में पेश होने के बाद राजस्थान की महिला राजनीतिज्ञों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। प्रदेश की विभिन्न दलों की महिला नेत्रियों ने कहा कि यह बिल लंबे समय से लंबित था, जिसे अब अमलीजामा पहनाकर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास किया गया है।
बीजेपी की महिला नेत्रियों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बिल नारी शक्ति के सपनों को पूरा करने वाला है। उन्होंने कहा कि इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और जमीनी स्तर पर नेतृत्व का नया अध्याय शुरू होगा, जो भविष्य में समाज को नई दिशा देगा।
वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की नेत्रियों ने इस बिल का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि बिल में ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान नहीं होना एक बड़ी कमी है। उन्होंने मांग की कि इस बिल को जल्द से जल्द और समावेशी बनाकर लागू किया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, राजस्थान की महिला नेत्रियों में इस बिल को लेकर काफी उत्साह है। सभी का एकमत है कि राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने से देश की संसद और विधानसभाओं में सकारात्मक बदलाव आएंगे और इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर राजनीतिक वातावरण तैयार होगा।