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शेखावाटी की माटी से शौर्य को नमन: झुंझुनूं में 18 जुलाई को परमवीर पीरू सिंह को दी जाएगी महा-श्रद्धांजलि; कीर्ति चक्र विजेता कैप्टन महेंद्र सिंह का होगा नागरिक अभिनंदन

झुंझुनूं। ‘वीर प्रसूता’ के नाम से विख्यात शेखावाटी की धरा एक बार फिर अपने अमर बलिदानियों और जीवित जांबाजों के सम्मान में सजने के लिए तैयार है। झुंझुनूं जिला कलेक्ट्रेट सर्किल स्थित शहीद स्मारक पर आगामी 18 जुलाई 2026 (शनिवार) को देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान ‘परमवीर चक्र’ से सम्मानित कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह की पावन स्मृति में एक भव्य श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का आयोजन होने जा रहा है। लायंस क्लब झुंझुनूं के तत्वावधान में होने वाले इस गरिमामयी कार्यक्रम का सीधा मकसद सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में खो रहे आज के स्थानीय युवाओं को शेखावाटी के वास्तविक हीरोज (Real Heroes) के अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति की विरासत से रूबरू कराना है।

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शेखावाटी की माटी से शौर्य को नमन: झुंझुनूं में 18 जुलाई को परमवीर पीरू सिंह को दी जाएगी महा-श्रद्धांजलि; कीर्ति चक्र विजेता कैप्टन महेंद्र सिंह का होगा नागरिक अभिनंदन 2

18 जुलाई, सुबह 10 बजे: शहीद स्मारक पर जुटेगा समूचा झुंझुनूं

शनिवार सुबह ठीक 10 बजे कलेक्ट्रेट सर्किल स्थित शहीद स्मारक पर परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर कार्यक्रम का शंखनाद किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए प्रशासनिक अमले से लेकर सेना के रिटायर्ड विंग कमांडर, शिक्षाविद और इलाके के प्रबुद्ध समाजसेवी एक मंच पर जुटेंगे।

कार्यक्रम की महत्वपूर्ण जानकारी (2026)विवरण / स्थान (Landmark)मुख्य उद्देश्य
आयोजन की तिथि व समय18 जुलाई 2026, शनिवार सुबह 10:00 बजेनई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देना।
मुख्य आयोजन स्थलशहीद स्मारक, कलेक्ट्रेट सर्किल, झुंझुनूंपरमवीर पीरू सिंह की शौर्य गाथा पर चर्चा।
आयोजक संस्थालायंस क्लब, झुंझुनूंजांबाजों एवं वीरांगनाओं का सार्वजनिक सम्मान।

कैप्टन अयूब खान के परिवार और कीर्ति चक्र विजेता कैप्टन महेंद्र सिंह का होगा महा-सम्मान

झुंझुनूं के इस शौर्य महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें न केवल शहीदों को नमन किया जाएगा, बल्कि देश की हिफाजत में अद्वितीय पराक्रम दिखाने वाले जीवित योद्धाओं और उनके परिवारों का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा।

सम्मानित होने वाली प्रमुख विभूतियां:

  • कैप्टन अयूब खान का परिवार: झुंझुनूं के पूर्व सांसद और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में टैंकों के परखच्चे उड़ाने वाले वीर चक्र विजेता स्वर्गीय कैप्टन अयूब खान के परिवार को उनकी राष्ट्र सेवा के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
  • कैप्टन महेंद्र सिंह: वर्तमान में भारतीय सेना में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे कीर्ति चक्र विजेता कैप्टन महेंद्र सिंह का समूचे झुंझुनूं की तरफ से भव्य नागरिक अभिनंदन किया जाएगा।
  • वीरांगनाओं का वंदन: जिले की उन जांबाज वीरांगनाओं को सम्मानित कर शॉल ओढ़ाई जाएगी, जिन्होंने अपने सुहाग को देश पर न्योछावर करने के बाद भी समाज में अपार धैर्य, स्वाभिमान और त्याग की मिसाल पेश की है।

तैयारियां अंतिम चरण में: प्रशासनिक और सामाजिक समन्वय (E-E-A-T Insights)

इस भव्य आयोजन को लेकर झुंझुनूं के बुद्धिजीवी वर्ग और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) राजेंद्र सिंह शेखावत, कार्यक्रम कन्वीनर डॉ. उम्मेद सिंह शेखावत, उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण गुप्ता, सेक्रेटरी रघुनाथ पोद्दार, डॉ. नरेंद्र सिंह नरुका और यशवर्धन सिंह शेखावत ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि कलेक्ट्रेट सर्किल पर सुरक्षा, बैठक व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर जिला प्रशासन से पूरा समन्वय स्थापित कर लिया गया है ताकि आने वाले पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

झुंझुनूं का सैन्य इतिहास (Historical Context):

झुंझुनूं देश का एकमात्र ऐसा जिला है जहां के सबसे ज्यादा जवान भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं और यहां का हर दूसरा घर किसी न किसी रूप में देश की रक्षा से जुड़ा है। 1948 के भारत-पाक युद्ध में तीथवाल (कश्मीर) के मोर्चे पर शहीद होने वाले मेजर पीरू सिंह शेखावाटी के पहले ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने मरते दम तक दुश्मन की चौकियों को तबाह किया था।

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