चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में मंगलवार दोपहर आस्था और मर्यादा को तार-तार करने वाला एक शर्मनाक वाकया सामने आया है। अमावस्या के पावन अवसर पर उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने वीआईपी (VIP) गेट से जबरन एंट्री के लिए जमकर उत्पात मचाया। इन हुड़दंगियों ने न केवल मंदिर के वीआईपी गेट का ताला तोड़ा, बल्कि सुरक्षा में तैनात निहत्थे गार्ड्स पर लाठियों से हमला कर उनकी वर्दी तक फाड़ डाली। मंदिर परिसर में मचे इस बवाल का एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए 4 आरोपियों को मौके पर ही घेरकर दबोच लिया।

दोपहर का ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’: ताला टूटा और मच गई भगदड़
मंडफिया थाना इलाके में स्थित सांवलिया जी मंदिर में मंगलवार को अमावस्या के कारण सुबह से ही पैर रखने की जगह नहीं थी। हरिजन मोहल्ले की तरफ स्थित एंट्री गेट, जो आमतौर पर कर्मचारियों और पदाधिकारियों के लिए आरक्षित रहता है, उसे भीड़ नियंत्रण के लिए कुछ समय के लिए बंद किया गया था। इसी बात पर कुछ तथाकथित श्रद्धालु भड़क गए।
| घटनाक्रम का समय (मंगलवार दोपहर) | घटना स्थल (Landmark) | क्या हुआ? |
| दोपहर 12:30 बजे | हरिजन मोहल्ला एंट्री गेट | भीड़ के कारण वीआईपी गेट को अस्थाई रूप से बंद किया गया। |
| दोपहर 12:45 बजे | वीआईपी गेट (बाहरी हिस्सा) | एक युवक लाठी लेकर आया, गेट पर लठ मारे और गालियां दीं। |
| दोपहर 01:00 बजे | मंदिर आंतरिक परिसर | ताला तोड़कर भीड़ अंदर घुसी, गार्ड प्रहलाद गाडरी व अन्य से मारपीट। |
| दोपहर 01:15 बजे | मंडफिया थाना पुलिस टीम | सुरक्षाकर्मियों ने 4 हुड़दंगियों को दबोचकर पुलिस को सौंपा। |
गार्ड्स को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, वर्दी के चीथड़े उड़ाए
मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव के अनुसार, कर्मचारी लगातार बाहर खड़े लोगों को समझा रहे थे कि लाइन व्यवस्थित होते ही गेट खोल दिया जाएगा। लेकिन नशे या गुस्से में चूर एक युवक अचानक कहीं से भारी लकड़ी (लठ) उठा लाया और गेट पर दे-मारने लगा। देखते ही देखते उसके 3-4 साथी और आ गए।
उपद्रवियों ने गेट पर ताबड़तोड़ वार कर उसका ताला तोड़ दिया। जैसे ही गेट खुला, हुड़दंगी अंदर खड़े सुरक्षाकर्मियों पर टूट पड़े:
- बर्बरता: अंदर तैनात सुरक्षा गार्ड प्रहलाद गाडरी और उनके साथियों को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए ललकारा गया।
- हिंसा: एक गार्ड के सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं, जबकि दूसरे गार्ड को बेरहमी से घसीटकर उसकी पूरी यूनिफॉर्म फाड़ दी गई।
- बाल-बाल बचे श्रद्धालु: गेट टूटते ही पीछे से आ रही भीड़ अंदर की तरफ भागने लगी। गनीमत रही कि वहां तैनात अन्य सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया, वरना खाटूश्यामजी जैसी भगदड़ की स्थिति पैदा हो सकती थी।
सुरक्षाकर्मियों का चक्रव्यूह: मंडफिया पुलिस ने 4 को किया डिटेन
इस अप्रत्याशित हमले के बावजूद मंदिर के सुरक्षा दस्ते ने धैर्य नहीं खोया। उन्होंने एक तरफ आम श्रद्धालुओं के दर्शन को सुचारू रखा और दूसरी तरफ क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की तरह हुड़दंगियों को चारों तरफ से घेर लिया।
मार्शल और गार्ड्स ने जान की बाजी लगाकर हंगामा कर रहे चारों युवकों को परिसर के भीतर ही दबोच लिया और तुरंत मंडफिया थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पीड़ित गार्ड प्रहलाद गाडरी की ओर से नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और कानूनी प्रावधान (E-E-A-T Insights)
सांवलियाजी मंदिर राजस्थान के सबसे अमीर और सर्वाधिक फुटफॉल वाले मंदिरों में से एक है, जहां त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती होती है।
क्या कहता है कानून?
- राजकीय/सार्वजनिक कर्तव्य में बाधा (BNS धारा 221 & 132): सुरक्षाकर्मियों (चाहे वे सरकारी हों या रजिस्टर्ड ट्रस्ट के अधिकृत सुरक्षाकर्मी) पर ड्यूटी के दौरान हमला करना और वर्दी फाड़ना गैर-जमानती अपराध है। इसमें 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान है।
- धार्मिक भावनाओं को ठेस और उपद्रव: मंदिर परिसर के भीतर लाठी-डंडों से हमला करना और तोड़फोड़ करना सार्वजनिक शांति भंग करने और धार्मिक स्थल की मर्यादा को ठेस पहुंचाने की गंभीर धाराओं के तहत आता है।