अलवर/श्योपुर। बुधवार रात करीब 11 बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर श्योपुर के एक परिवार के लिए काल बनकर आई। सीएनजी से चलने वाली आर्टिगा कार में शॉर्ट सर्किट के चलते आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे चालक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

मृतकों की पहचान और त्रासदी
हादसे में संतोष, उनकी पत्नी शशि, बेटी साक्षी, सास पार्वती और छोटी की मौत हो गई। चालक विनोद मेहरा, जो 80% झुलस गया था, उसकी मौत जयपुर के एसएमएस अस्पताल में हुई।
- मन्नत पूरी करने गए थे: संतोष की सास पार्वती की बीमारी ठीक होने की मन्नत पूरी करने के लिए पूरा परिवार वैष्णो देवी गया था।
- हड्डियां तक पिघलीं: आग इतनी भीषण थी कि शवों को पोटली में भरकर ले जाना पड़ा।
- पीछे छूटी 12 साल की मासूम: घर में अब केवल 12 साल की बेटी रागिनी बची है, जो एक शादी में जाने के कारण इस यात्रा पर नहीं गई थी।

सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे देश के सबसे महंगे टोल रोड्स में से एक है, लेकिन इस हादसे ने यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है:
- देरी से पहुँचा रेस्क्यू: आग लगने की सूचना रात 11:15 बजे मिली, लेकिन फायर ब्रिगेड करीब 25-30 मिनट बाद पहुँची क्योंकि मदद के लिए वाहनों को 20 किमी का चक्कर लगाना पड़ता है।
- बंद पड़ा ट्रोमा सेंटर: एक्सप्रेस-वे पर बना ट्रोमा सेंटर पिछले ढाई साल से शुरू नहीं हो सका है क्योंकि एनएचएआई (NHAI) ने पीपीपी मोड के लिए अभी तक टेंडर जारी नहीं किए हैं। घायलों को इलाज के लिए 40 किमी दूर अलवर लाना पड़ता है।
क्यों भड़की सीएनजी कार में आग?
पुलिस और विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार कार चलने से शॉर्ट सर्किट या कोई तकनीकी खराबी आग का कारण हो सकती है। सीएनजी किट के मामले में निम्नलिखित स्थितियां खतरनाक होती हैं:
- अनधिकृत या लोकल किट का उपयोग।
- खराब रेगुलेटर या पुरानी पाइपलाइन।
- सिलेंडर की समय पर टेस्टिंग न होना।
- बीमा क्लेम: यदि सीएनजी किट मानकों के अनुसार नहीं है, तो बीमा क्लेम मिलना लगभग असंभव होता है।