सीकर। शहर के राधाकिशनपुरा क्षेत्र में विकास कार्य की धीमी रफ्तार अब स्थानीय लोगों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। रेलवे अंडरपास से वंदे मातरम चौक तक निर्माणाधीन सड़क का काम 13 महीने बाद भी पूरा नहीं होने से नाराज वार्डवासियों ने शुक्रवार सुबह मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे अंडरपास पर जाम लगाकर करीब आधे घंटे तक धरना दिया और नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

खुद के मकान तोड़े, फिर भी नसीब नहीं हुई सड़क
क्षेत्रवासियों का दर्द यह है कि करीब एक साल पहले जब 40 फीट चौड़ी सड़क का प्रस्ताव आया, तो लोगों ने सहयोग करते हुए अपने मकानों के आगे के हिस्से खुद तोड़ लिए थे। इसके बावजूद ठेकेदार और प्रशासन की लापरवाही से काम अधर में लटका है।
- धूल से बीमारी: प्रदर्शन कर रहे दिनेश सैनी और विकास शर्मा ने बताया कि उखड़ी सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण इलाके में सांस की एलर्जी और आंखों की बीमारियां बढ़ रही हैं।
- लंबा चक्कर: मुख्य रास्ता बंद होने से आरटीओ कार्यालय जाने वाले हजारों लोगों को करीब 8 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
ठेकेदार की मनमानी और अधिकारियों की चुप्पी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से काम करता है—कभी काम शुरू होता है तो कई दिनों तक बंद रहता है। नगर परिषद के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं। शुक्रवार को जब मामला बढ़ा और जाम लगा, तो परिषद के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर सड़क को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
चेतावनी: समय पर काम नहीं तो उग्र आंदोलन
धरने पर बैठी महिलाओं और युवाओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि दिए गए भरोसे के अनुसार एक माह में निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो आगामी आंदोलन और भी उग्र होगा। इस दौरान मदनलाल सैनी, मोहम्मद रफीक और जय बबेरवाल सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे।