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सीकर: उद्घाटन से पहले ही खंडहर बनने लगा तोदी नगर का पार्क, लाखों स्वाहा पर सुविधाएं शून्य

सीकर। शहर के पॉश इलाकों में शुमार तोदी नगर में नगर परिषद द्वारा बनाया गया नया पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि इस पार्क का अभी तक औपचारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि लोकार्पण से पहले ही यहाँ लगाई गई टाइल्स और दीवारें जवाब देने लगी हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली और ठेकेदार की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

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सीकर: उद्घाटन से पहले ही खंडहर बनने लगा तोदी नगर का पार्क, लाखों स्वाहा पर सुविधाएं शून्य 2

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा निर्माण: टूट रही हैं इंटरलॉकिंग टाइल्स

लाखों रुपये के बजट से तैयार किए गए इस पार्क में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का आरोप लग रहा है। कॉलोनीवासी अजय मिश्रा ने बताया कि पार्क के वॉक-वे पर लगाई गई इंटरलॉकिंग टाइल्स कई जगहों से धंस गई हैं और टूटने लगी हैं। बिना किसी उपयोग के ही टाइल्स का टूटना सीधे तौर पर निर्माण कार्य में हुई धांधली की ओर इशारा करता है। स्थिति यह है कि अगर जल्द ही इसकी मरम्मत नहीं की गई, तो उद्घाटन के समय तक चलने लायक रास्ता भी नहीं बचेगा।

पार्क या कचरा डिपो? सफाई और पौधरोपण का अकाल

पार्क को हरा-भरा बनाने के दावों के विपरीत यहाँ धूल और कचरे का साम्राज्य है।

  • गंदगी का अंबार: निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार ने बचा हुआ मलबा और निर्माण सामग्री वहीं छोड़ दी है।
  • पौधरोपण का अभाव: किसी भी पार्क की जान वहां के पेड़-पौधे होते हैं, लेकिन तोदी नगर के इस पार्क में न तो घास लगाई गई है और न ही छायादार पौधे।
  • अधूरी तैयारी: पार्क के भीतर सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे यह पार्क कम और कचरा डालने का स्थान ज्यादा नजर आता है।

कॉलोनीवासियों में गहरा रोष

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन से एक सुंदर और सुरक्षित पार्क की उम्मीद की थी ताकि बुजुर्ग टहल सकें और बच्चे खेल सकें। लेकिन वर्तमान हालात को देखकर लोग यहाँ आने से भी कतरा रहे हैं। कॉलोनीवासियों ने मांग की है कि:

  1. पार्क का उद्घाटन करने से पहले निर्माण की तकनीकी जांच की जाए।
  2. ठेकेदार से टूटी हुई टाइल्स को दोबारा सही करवाया जाए।
  3. तुरंत सफाई अभियान चलाकर मलबे को हटाया जाए और सघन पौधरोपण किया जाए।

नगर परिषद के अधिकारियों का इस मामले में अब तक कोई ठोस जवाब नहीं आया है, जिससे जनता में आक्रोश और बढ़ रहा है।

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