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Rajasthan News: '33 प्रतिशत महिला आरक्षण से विपक्ष की सोच उजागर हो गई है'

Himanshu Meena 21 Apr, 2026 5 min read
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राजस्थान की राजनीति में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासी गलियारों में बहस तेज हो गई है। हाल ही में इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्ता पक्ष के नेताओं ने कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विरोध करके विपक्ष ने अपनी संकीर्ण मानसिकता को उजागर कर दिया है। सरकार का मानना है कि यह बिल नारी शक्ति के उत्थान के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष हमेशा से महिला सशक्तिकरण के दावों के विपरीत कार्य करता आया है। उनके अनुसार, जब सदन में इस बिल को पेश किया गया, तब विपक्ष का रवैया असहयोगात्मक रहा, जो सीधे तौर पर उनकी महिला विरोधी सोच को दर्शाता है। यह कदम देश की महिलाओं को मुख्यधारा में जोड़ने की एक बड़ी कोशिश है।

विपक्ष ने हालांकि इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और अपनी दलीलें पेश की हैं। उनका कहना है कि सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है, जबकि हकीकत में वे इसके क्रियान्वयन को लेकर गंभीर नहीं हैं। आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर राजस्थान की जनता के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

आने वाले समय में यह आरक्षण विधेयक किस प्रकार धरातल पर लागू होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि यह केवल एक कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि समाज की बदलती हुई तस्वीर का संकेत है। अब देखना यह होगा कि जनता इस मुद्दे पर अपना क्या फैसला सुनाती है और राजनीतिक दल इसे चुनाव में किस तरह भुनाते हैं।

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