राजस्थान में एक जज और विधायक की हाई-प्रोफाइल शादी के मामले में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शादी समारोह के दौरान कोविड प्रोटोकॉल और नियमों के उल्लंघन को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में कई वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें एक आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं, को सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
आरोप है कि शादी के आयोजन के दौरान सरकारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई और भीड़ को नियंत्रित करने में लापरवाही बरती गई। इस विवाह समारोह के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा था, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए।
गृह विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस में अधिकारियों से पूछा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। यह मामला अधिकारियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है, क्योंकि इसमें नियमों की अनदेखी के स्पष्ट संकेत मिले हैं। सरकार का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी को भी नियमों के उल्लंघन की छूट नहीं दी जा सकती।
इस घटना ने प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अधिकारियों को निश्चित समय के भीतर अपना स्पष्टीकरण पेश करना होगा, जिसके बाद ही सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी। यह मामला अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की छवि पर भी इसका असर पड़ रहा है।