जयपुर में स्वास्थ्य भवन के बाहर हजारों की संख्या में संविदा कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। राज्य भर से जुटे इन कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग दोहराई। इस विरोध प्रदर्शन के कारण स्वास्थ्य भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और आवागमन भी प्रभावित हुआ।
प्रदर्शनकारी संविदा कर्मियों का कहना है कि वे लंबे समय से अल्प वेतन पर कार्य कर रहे हैं और उनके भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे। अपनी मांगों के समर्थन में कर्मियों ने जमकर प्रदर्शन किया।
इस 'हल्ला बोल' प्रदर्शन के चलते स्वास्थ्य भवन के आसपास के रास्तों पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थानीय लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मोर्चा संभाला। संविदा कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है।
राजस्थान सरकार के लिए यह प्रदर्शन एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। संविदा कर्मियों की नाराजगी का असर आने वाले समय में सरकारी कामकाज पर पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या समाधान निकालते हैं।