राजस्थान के रहने वाले पूर्व सैनिक डॉ. भंवर लाल शर्मा ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अद्भुत कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने अपने जीवनकाल में अब तक कुल 138 डिग्रियां हासिल की हैं, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। उनकी यह शैक्षणिक यात्रा न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह साबित करती है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। भंवर लाल ने सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी अपनी पढ़ाई को निरंतर जारी रखा।
डॉ. शर्मा ने अलग-अलग विषयों में ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स किए हैं। उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों से यह डिग्रियां हासिल की हैं, जिसमें कला, विज्ञान, वाणिज्य और प्रबंधन जैसे कई विषय शामिल हैं। उनका मानना है कि शिक्षा एक ऐसा हथियार है जो व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने के साथ-साथ समाज को भी एक नई दिशा प्रदान करती है।
इतनी भारी संख्या में डिग्रियां प्राप्त करने के बाद, अब उनका नाम कई रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज हो चुका है। वे अक्सर युवा पीढ़ी के लिए एक उदाहरण के तौर पर पेश किए जाते हैं, जो अक्सर पढ़ाई को बोझ समझते हैं। डॉ. शर्मा की लगन और अनुशासन ही है जिसने उन्हें सफलता की इस ऊँचाई तक पहुँचाया है। वे आज भी नई चीजें सीखने के प्रति उसी उत्साह के साथ सक्रिय रहते हैं।
उनकी इस उपलब्धि ने देश भर में सुर्खियां बटोरी हैं और लोग उनकी कड़ी मेहनत की सराहना कर रहे हैं। डॉ. भंवर लाल शर्मा का कहना है कि ज्ञान का कोई अंत नहीं है और मनुष्य को अपने अंतिम समय तक जिज्ञासु बने रहना चाहिए। उनका यह सफर उन सभी लोगों के लिए एक सबक है जो अपनी परिस्थितियों को शिक्षा के आड़े आने देते हैं।