सिरोही के नवनियुक्त जिला कलेक्टर ने पदभार संभालते ही प्रशासनिक कार्यों में सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। उन्होंने जिले के विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर का यह एक्शन मोड प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने फाइलों के निस्तारण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई और आमजन की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें, अन्यथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर उन्होंने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्य पूरा करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होना चाहिए।
कलेक्टर की इस सक्रियता से जिला प्रशासन में सतर्कता बढ़ गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके इस सख्त दृष्टिकोण से जिले की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।