राजस्थान के जांबाज बीएसएफ जवान नरेंद्र डूडी मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए हैं। उनकी शहादत की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। शहीद नरेंद्र डूडी ने देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिस पर पूरे राष्ट्र को गर्व है।
इस दुखद घटना के सामने आने के बाद इलाके में सन्नाटा पसर गया है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शहीद जवान के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके पैतृक गांव पहुंचने लगे हैं। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा और वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेंगे।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने शहीद के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य और केंद्र सरकार से विशेष मांग की है। उन्होंने सरकार से शहीद के परिवार को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में उनकी स्मृति में स्मारक बनाने का आग्रह किया है ताकि युवाओं को राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा मिलती रहे।
बेनीवाल ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि शहीद के परिवार को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े और सरकार उनकी हर संभव सहायता करे। शहीद का पार्थिव शरीर सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।