राजस्थान में BSTC परीक्षा के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जहां पुलिस ने डमी कैंडिडेट बैठाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह को रंगे हाथों पकड़ा है। इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मौके से ही मुख्य साजिशकर्ताओं समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों के स्थान पर दूसरे व्यक्तियों को बैठाकर अनुचित लाभ उठाने का काम कर रहा था। आरोपियों ने पैसे लेकर परीक्षा में बैठने की सेटिंग की थी, जिसके लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेज और पहचान पत्र तैयार किए थे।
पुलिस की कड़ी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर इस गिरोह को पकड़ा गया। पकड़े गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इसमें शामिल हो सकने वाले अन्य बिचौलियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने परीक्षा केंद्रों पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
इस घटना के बाद प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों को अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग का स्पष्ट संदेश है कि नकल और फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने पर विचार किया जा रहा है।