राजस्थान में चलती बाइक पर एक लड़की के साथ छेड़छाड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद राज्य में हड़कंप मच गया। पुलिस और प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए और आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें गठित कीं। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरटीओ विभाग ने तत्परता दिखाई है। अधिकारियों ने वायरल वीडियो के आधार पर बाइक के नंबर को ट्रैक किया और दोनों युवकों की कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है। आरटीओ ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द करने के साथ ही वाहन को भी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में रहकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
यह घटना समाज में व्याप्त सुरक्षा संबंधी खामियों की ओर इशारा करती है। प्रशासन अब ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है ताकि मनचलों में डर बना रहे। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें ऐसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी थाने या हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।