राजस्थान में अप्रैल के महीने में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे राज्य भर में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच अचानक हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को हैरान कर दिया है। कई इलाकों में ओलावृष्टि से धरती पर सफेद चादर बिछ गई है।
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे अन्नदाताओं की मेहनत पर पानी फिर गया है। किसान अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए पहले ही चेतावनी जारी की थी, लेकिन ओलावृष्टि का असर उम्मीद से कहीं ज्यादा रहा। खराब मौसम के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है और बिजली की आपूर्ति में भी बाधाएं आ रही हैं।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेना शुरू कर दिया है और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता को सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित राहत पहुंचाई जा सके।