राजस्थान के विभिन्न जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। जयपुर में तेज आंधी के साथ हुई भारी बारिश ने शहर की सड़कों पर पानी भर दिया, जबकि कई इलाकों में ओलावृष्टि के कारण ऐसा प्रतीत हुआ मानो रेगिस्तान में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई हो। इस अप्रत्याशित मौसम ने गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत तो दी, लेकिन भारी नुकसान भी पहुंचाया है।
अजमेर और ब्यावर में स्थिति अधिक गंभीर रही, जहां भीषण तूफान के कारण बड़े पैमाने पर तबाही हुई। तेज हवाओं के झोंकों से सड़कों किनारे लगे दर्जनों पेड़ जड़ से उखड़ गए और कई रिहायशी इलाकों में घरों की छत से टीनशेड उड़ गए। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं और नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें गठित की हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, यह चक्रवाती परिसंचरण का असर है, जिसके चलते राज्य के अन्य हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है। किसानों के लिए यह मौसम चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि पककर तैयार फसलें इस ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चपेट में आकर खराब हो गई हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। आम लोगों से अपील की गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पुराने पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे न जाएं। स्थिति सामान्य होने में अभी कुछ समय लगने की उम्मीद है, क्योंकि मौसम विभाग ने अभी भी कुछ इलाकों में अलर्ट जारी रखा है।