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राजस्थान: राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के 'उदयपुर मोह' पर मचा सियासी बवाल

Himanshu Meena 28 Mar, 2026 5 min read
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राजस्थान के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया इन दिनों अपने गृह नगर उदयपुर के प्रति विशेष झुकाव को लेकर विवादों के घेरे में आ गए हैं। आरोप है कि राज्यपाल अपने आधिकारिक पद का उपयोग उदयपुर में विभिन्न कार्यक्रमों और निजी व्यस्तताओं के लिए अधिक कर रहे हैं, जिससे प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं गर्म हैं। विपक्ष का दावा है कि इससे राजभवन की गरिमा और संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन पर सवाल उठ रहे हैं।

इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और शिकायत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँच गई है। शिकायतकर्ताओं का तर्क है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को पूरे राज्य के लिए समान रूप से समर्पित होना चाहिए, न कि किसी विशेष शहर या क्षेत्र विशेष के विकास और आयोजनों में इतना सक्रिय रहना चाहिए। यह शिकायत सीधे तौर पर राज्यपाल की कार्यशैली और प्राथमिकताओं पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गुलाबचंद कटारिया का लंबा राजनीतिक जीवन उदयपुर की राजनीति के इर्द-गिर्द रहा है, लेकिन राज्यपाल बनने के बाद उनकी भूमिका बदल गई है। राज्य के अन्य जिलों की अपेक्षा उदयपुर में उनकी बार-बार उपस्थिति को विपक्षी दल एक राजनीतिक एजेंडा के रूप में देख रहे हैं। इस विवाद के कारण राजभवन और राज्य सरकार के बीच समन्वय की स्थिति पर भी नज़रें टिकी हुई हैं।

फिलहाल, इस पूरे मामले पर राजभवन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन दिल्ली दरबार तक शिकायत पहुँचने से मामला गंभीर हो गया है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या केंद्र सरकार इस शिकायत का संज्ञान लेती है या इसे केवल राजनीतिक आरोप मानकर नजरअंदाज किया जाता है। फिलहाल, प्रदेश की राजनीति में इस घटनाक्रम ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

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