राजस्थान में एक जज और विधायक की शादी का मामला इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस हाई प्रोफाइल विवाह समारोह के दौरान नियमों की कथित अनदेखी और लापरवाही के चलते राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार का मानना है कि आयोजन के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल के मानकों का पालन नहीं किया गया।
इस मामले में एक आईपीएस अधिकारी सहित अन्य कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सरकार द्वारा नोटिस जारी किया गया है। इन अधिकारियों से पूछा गया है कि आयोजन के दौरान किन परिस्थितियों में नियमों का उल्लंघन हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन था। नोटिस मिलने के बाद अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है और अब उन्हें अपना लिखित जवाब सरकार को सौंपना होगा।
सूत्रों के अनुसार, शादी समारोह में वीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में भारी चूक हुई थी, जिसके कारण आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकार इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से ले रही है ताकि भविष्य में किसी भी निजी या सार्वजनिक आयोजन में प्रशासनिक प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
अब सबकी नजरें अधिकारियों द्वारा दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं। यदि अधिकारियों का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ विभागीय जांच के साथ-साथ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। यह घटना राज्य के अधिकारियों के लिए एक चेतावनी की तरह है कि पद की गरिमा और सरकारी नियमों के साथ किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।