झुंझुनूं। बंद मकानों को निशाना बनाकर दिनदहाड़े हाथ साफ करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का झुंझुनूं पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना सहित चोरी का सोना-चांदी खरीदने वाले सुनार को भी गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए मुख्य आरोपी पर पहले से चोरी के 16 मुकदमे दर्ज हैं।

5 जिलों में 100 किलोमीटर तक पीछा
एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि वारदातों को सुलझाने के लिए राजस्थान और हरियाणा के 5 जिलों (झुंझुनूं, सीकर, चूरू, नागौर और भिवानी) में विशेष टीमों ने जाल बिछाया। पुलिस ने करीब 100 किलोमीटर के दायरे में लगे 200 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, जिसके बाद आरोपियों का सुराग हाथ लगा।
ये हुए गिरफ्तार:
- रामकुमार (38): निवासी लोहारू (हरियाणा)। यह गिरोह का मुख्य सरगना है और शातिर चोर है।
- कमल सिंह (47): निवासी भिवानी (हरियाणा)। पेशे से सुनार यह आरोपी चोरी के जेवरात ठिकाने लगाने और उन्हें गलाने का काम करता था।
दोपहर में सूने मकानों की ‘रेकी’
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग बहुत ही शातिर तरीके से काम करती थी। आरोपी पहले ऐसे घरों की रेकी करते थे, जहां लोग दोपहर के समय किसी पारिवारिक कार्यक्रम या निजी काम से बाहर गए हों। मौका मिलते ही ये दिनदहाड़े ताले तोड़कर कीमती आभूषण और नकदी लेकर फरार हो जाते थे।
- 5 अप्रैल: बख्तावरपुरा में प्रीतम सिंह के घर को बनाया निशाना।
- 13 अप्रैल: वार्ड नं. 6 में सुलोचना देवी के घर से दिनदहाड़े की बड़ी चोरी।
तकनीकी टीम और मुखबिर का सटीक वार
इस पूरे ऑपरेशन में डीएसटी टीम के कांस्टेबल अमित मोटसरा, साइबर सेल के जिेंद्र थाकन और कांस्टेबल महेंद्र कुमार की तकनीकी सूचनाएं निर्णायक साबित हुईं। पुलिस ने सटीक सूचना पर हरियाणा के राजगढ़ में दबिश देकर आरोपी को दबोचा। आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं।