किशनगढ़। अजमेर जिले के किशनगढ़ में बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। सरवाड़ी गेट के पास माली मोहल्ला निवासी एक उपभोक्ता उस वक्त सन्न रह गया, जब उसके घर का बिजली बिल औसत 200 रुपये से सीधे 41,998 रुपये पहुँच गया। पीड़ित उपभोक्ता ने अब विभाग पर मीटर से छेड़छाड़ करने का संगीन आरोप लगाया है।

आम दिनों में आता था मात्र 200 रुपये बिल
पीड़ित शंकरलाल माली ने बताया कि उनके घर में बिजली के उपकरणों के नाम पर मात्र चार कमरे, चार पंखे और एक फ्रिज है। इतने कम लोड के बावजूद विभाग ने मार्च महीने का बिल लगभग 42 हजार रुपये भेज दिया। पुराने बिलों को देखने पर पता चलता है कि शंकरलाल का बिल हमेशा 150 से 200 रुपये के आसपास ही रहता था।
विभाग की धमकी: समाधान के बजाय ‘कनेक्शन’ काटने का डर
हजारों रुपये का भारी-भरकम बिल देख जब शंकरलाल विभाग के पास शिकायत लेकर पहुँचे, तो उन्हें राहत मिलने के बजाय चेतावनी मिल गई। पीड़ित का आरोप है कि अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं और बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने की धमकी दी जा रही है।
जांच में सामने आई विसंगतियां
उपभोक्ता द्वारा पुराने बिलों के मिलान पर कई तकनीकी खामियां उजागर हुई हैं:
- यूनिट में अंतर: कम खपत के बावजूद ज्यादा राशि का बिल।
- सब्सिडी का रहस्य: सरकारी सब्सिडी मिलने के बावजूद अचानक राशि में भारी उछाल।
- मीटर पर शक: उपभोक्ता ने लिखित शिकायत देकर मीटर की लैब जांच (Testing) कराने की मांग की है।
अधिकारियों का पक्ष
मामले के तूल पकड़ने के बाद बिजली विभाग के एईएन (AEN) गौरव आकोदिया ने कहा कि “शिकायत संज्ञान में आई है और मीटर की तकनीकी जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। यदि मीटर में कोई खराबी या रीडिंग की गलती पाई जाती है, तो बिल में सुधार कर नियमानुसार राहत दी जाएगी।”