फलोदी/बिलाड़ा। सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले पोषण के साथ कोई समझौता न हो, इसी उद्देश्य से जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह के निर्देश पर जिले भर में मिड-डे मील का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया गया। एसडीएम से लेकर तहसीलदार तक के आला अधिकारियों ने स्कूलों की रसोइयों में पहुंचकर खाने का स्वाद चखा और व्यवस्थाओं की पड़ताल की।

अधिकारियों ने खुद जांची रसोई की सफाई
निरीक्षण अभियान के दौरान अधिकारियों ने मुख्य रूप से तीन बिंदुओं—साफ-सफाई, भंडारण और स्वाद पर ध्यान केंद्रित किया:
- एसडीएम पूजा चौधरी: इन्होंने राजकीय प्राथमिक स्कूल (बावरियों की ढाणी) और बिठरी स्कूल का जायजा लिया। उन्होंने रसोइय की स्वच्छता और अनाज रखने के तरीकों को बारीकी से देखा।
- लोहावट व बापिणी: लोहावट एसडीएम रवि प्रकाश ने साथरी स्कूल और बापिणी एसडीएम अमिता विश्नोई ने मतोडा स्कूल पहुंचकर मिड-डे मील की गुणवत्ता जांची।
स्टूडेंट्स से लिया ‘फीडबैक’
अधिकारियों ने केवल कागजों तक निरीक्षण सीमित नहीं रखा, बल्कि क्लासरूम में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। बच्चों से पूछा गया कि क्या उन्हें रोज मेन्यू के अनुसार खाना मिलता है? खाने का स्वाद कैसा है? और क्या उन्हें पीने का साफ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है?
कलेक्टर की सख्त हिदायत
जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- निर्धारित मेन्यू: हर स्कूल में तय चार्ट के अनुसार ही पौष्टिक भोजन दिया जाए।
- नियमित समीक्षा: अधिकारी लगातार फीडबैक लेते रहें और किसी भी कमी पर तुरंत कार्रवाई करें।
- हाइजीन: खाना पकाने वाले बर्तनों और स्टोर रूम की सफाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।