• Sun. Apr 26th, 2026

बीसीआर चुनाव पर संकट के बादल: गोपनीयता भंग होने के आरोपों के साथ 35 प्रत्याशियों ने खोला मोर्चा

जयपुर। राजस्थान की सबसे बड़ी वकील संस्था, बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (BCR) के चुनाव संपन्न होते ही विवादों के घेरे में आ गए हैं। 23 पदों के लिए हुए इस मतदान की वैधता पर अब 35 प्रत्याशियों ने गंभीर सवाल उठाते हुए हाई पावर कमेटी को अपनी शिकायत दर्ज कराई है। वकीलों का आरोप है कि चुनाव के दौरान ‘मतदाता की गोपनीयता’ (Voter Confidentiality) के साथ खिलवाड़ किया गया है।

प्रमुख आरोप: दो स्तरों पर भंग हुई गोपनीयता

शिकायतकर्ता प्रत्याशियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं का दावा है कि चुनाव प्रक्रिया में मतदान की निष्पक्षता को ताक पर रखा गया:

  • बैलेट पेपर पर नंबर: सांगानेर बार एसोसिएशन समेत कई बूथों पर यह बात सामने आई कि मतपत्र (Ballot Paper) पर क्रमांक अंकित थे।
  • वोटर लिस्ट से मिलान: आरोप है कि इन नंबरों को वोटर लिस्ट में भी दर्ज किया गया, जिससे यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि किस वकील ने किसे वोट दिया है।
  • नियमों का उल्लंघन: एडवोकेट आर.बी. माथुर और कुणाल रावत जैसे विशेषज्ञों का कहना है कि मतपत्र पर किसी भी तरह का निशान या नंबर होना पूरी चुनावी प्रक्रिया की साख को खत्म कर देता है।

रद्द हो चुके हैं जयपुर के दो मुख्य बूथ

भारी अव्यवस्था, फर्जी मतदान और हंगामे के चलते हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट (जयपुर) के बूथों पर हुए मतदान को पहले ही रद्द किया जा चुका है। अब 35 प्रत्याशियों के लामबंद होने से प्रदेशभर के चुनावों को रद्द कर दोबारा मतदान कराने की मांग जोर पकड़ रही है।

कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि हाई पावर कमेटी ने इन अनियमितताओं पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो इस पूरी चुनाव प्रक्रिया को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। पूर्व चेयरमैन चिरंजीलाल सैनी ने भी व्यवस्थाओं में सुधार और बूथों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है।


चुनाव का गणित और पृष्ठभूमि

  • प्रत्याशी: 23 पदों के लिए कुल 234 वकील मैदान में हैं।
  • निगरानी: चुनाव सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस सुधांशु धूलिया की देखरेख में और दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज जे.आर. मिड्ढा की कमेटी द्वारा कराए जा रहे हैं।
  • देरी: ये चुनाव 5 साल की जगह 8 साल बाद (पिछला चुनाव 2018 में) आयोजित हुए हैं।
  • मतगणना: फिलहाल तय कार्यक्रम के अनुसार 29 अप्रैल से काउंटिंग शुरू होनी है, लेकिन विवाद के चलते इस पर अनिश्चितता बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *