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राजस्थान में दिसंबर तक भी पंचायत और निकाय चुनाव नहीं? सरकार ने हाई कोर्ट में कहा- स्थिति अनुकूल नहीं

Himanshu Meena 15 Apr, 2026 5 min read
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राजस्थान में आगामी पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर चल रही अटकलों के बीच राज्य सरकार ने राजस्थान हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए दिसंबर तक चुनाव कराना संभव नहीं लग रहा है। प्रशासन का कहना है कि जमीनी स्तर पर चुनाव के लिए जो तैयारियां और अनुकूल स्थितियां होनी चाहिए, वे अभी पूरी तरह से उपलब्ध नहीं हैं।

राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि परिसीमन और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण जैसे कई तकनीकी और प्रशासनिक कार्य अभी लंबित हैं। इन कार्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता है, जिसके कारण चुनाव प्रक्रिया में देरी हो रही है। सरकार के इस रुख ने उन राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की उम्मीदों को झटका दिया है जो इन चुनावों के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहे थे।

विपक्ष ने सरकार के इस कदम को टालमटोल की नीति बताया है। उनका आरोप है कि सरकार अपनी चुनावी तैयारी पूरी न होने के कारण जानबूझकर चुनावों को आगे बढ़ा रही है ताकि उसे जनता के सामने न आना पड़े। वहीं, आम नागरिकों के बीच इस देरी को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि स्थानीय निकायों में प्रतिनिधियों की कमी का असर विकास कार्यों पर पड़ सकता है।

हाई कोर्ट अब इस मामले पर अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट तलब कर सकता है। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि संवैधानिक प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द चुनाव संपन्न हों। हालांकि, सरकार के इस रुख से साफ है कि इस साल के अंत तक स्थानीय स्वशासन की कमान जनप्रतिनिधियों के हाथों में आने की संभावना काफी कम है, और प्रशासन ही अभी व्यवस्था संभाले रखेगा।

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