नारी शक्ति वंदन बिल के संसद में पेश होने के बाद से राजस्थान की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। इस बिल को लेकर सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी दल बीजेपी के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।
भारतीय जनता पार्टी ने इस बिल का स्वागत करते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। पार्टी ने राज्य भर में इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई है, ताकि जनता के बीच अपनी बात को प्रमुखता से रखा जा सके।
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने इस बिल की टाइमिंग और इसके प्रावधानों पर कई सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल चुनावी स्टंट है। इसके विरोध में कांग्रेस भी सड़क पर उतरकर अपना प्रदर्शन दर्ज कराने की तैयारी कर रही है, जिससे राज्य में राजनीतिक खींचतान और बढ़ने के आसार हैं।
आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख पार्टियों के कार्यक्रमों से राज्य के विभिन्न शहरों में प्रदर्शनों का दौर देखा जा सकता है। पुलिस प्रशासन भी इन प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने में जुट गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।