राजस्थान की राजधानी जयपुर में नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। इस महत्वपूर्ण बिल के पारित होने के बाद से ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपने-अपने तरीके से इसे जनता के बीच भुनाने की कोशिश में जुटे हैं।
भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि यह बिल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिसके लिए पार्टी पूरे प्रदेश में आभार कार्यक्रम आयोजित कर रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी जीत बताते हुए जगह-जगह जश्न मनाने और शक्ति प्रदर्शन करने की योजना बनाई है।
वहीं दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इसे महज एक चुनावी जुमला करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा महिलाओं को आरक्षण देने के नाम पर भ्रम फैला रही है। इसके विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है, ताकि केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए जा सकें।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों का यह आमना-सामना राज्य की सियासत को बेहद रोचक बना रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला वोट बैंक को साधने के लिए दोनों ही पार्टियां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं, जिसका सीधा असर आने वाले समय में चुनावी नतीजों पर देखने को मिल सकता है।