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राजस्थान: पीएम मोदी के बयान पर अशोक गहलोत का तीखा पलटवार

Himanshu Meena 20 Apr, 2026 3 min read
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संबोधन पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गहलोत ने पीएम की बातों को राजनीतिक एजेंडा बताते हुए उन पर निशाना साधा और राज्य की राजनीति में इसे लेकर गहमागहमी बढ़ गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें जनता के भरोसे का इतना ही यकीन है, तो उन्हें तुरंत लोकसभा भंग कर देनी चाहिए और देश में नए सिरे से चुनाव कराने चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को अहंकार नहीं करना चाहिए और जनता की नब्ज टटोलनी चाहिए। गहलोत का मानना है कि वर्तमान सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल विमर्श को मोड़ने का काम कर रही है, जबकि आम जनता महंगाई और बेरोजगारी जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है।

गहलोत ने आगे कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनादेश का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन जनता के विश्वास की परीक्षा समय-समय पर जरूरी है। उन्होंने पीएम के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार के काम वाकई इतने प्रभावशाली हैं, तो उन्हें चुनाव से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह बयान राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस राजनीतिक बयानबाजी से साफ है कि आगामी समय में केंद्र और राज्य के बीच तल्खी और बढ़ सकती है। गहलोत का यह आक्रामक रुख कांग्रेस की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री कार्यालय या भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं की ओर से इस चुनौती का क्या जवाब आता है, क्योंकि इससे सियासी तापमान और अधिक बढ़ सकता है।

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