राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संबोधन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। गहलोत ने पीएम मोदी के दावों को खारिज करते हुए उन पर निशाना साधा और राज्य की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। उनका यह बयान प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गहलोत ने प्रधानमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें जनता का इतना ही भरोसा प्राप्त है, तो उन्हें तुरंत लोकसभा भंग करके देश में चुनाव करा देने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल बातों में विश्वास रखती है और जमीनी हकीकत से कोसों दूर है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि राजस्थान की जनता अब भाजपा की नीतियों को समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता ही इसका जवाब देगी और भाजपा के दावों की पोल खुल जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर पूरी तरह से एकजुट है।
इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा की ओर से इस चुनौती का क्या जवाब दिया जाता है और भविष्य में चुनावी समीकरण किस दिशा में मुड़ते हैं।