राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संबोधन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। गहलोत ने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें जनता के भरोसे और समर्थन पर इतना ही विश्वास है, तो उन्हें तुरंत लोकसभा भंग कर चुनाव करवा देने चाहिए। गहलोत का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
अपने बयान में अशोक गहलोत ने भाजपा की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और कहा कि सरकार को संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल जुमलों के सहारे राजनीति कर रही है और जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि देश की जनता अब भाजपा की कथनी और करनी का अंतर समझ चुकी है। उन्होंने जोर दिया कि आगामी चुनावों में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी और कांग्रेस पार्टी अपनी नीतियों के दम पर फिर से मजबूती के साथ वापसी करेगी।
अंत में, गहलोत ने यह स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है और समय आने पर जनता अपना फैसला सुनाएगी, जिसे सभी को स्वीकार करना होगा।