राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संबोधन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गहलोत ने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें अपनी लोकप्रियता और जनता के भरोसे पर इतना ही यकीन है, तो उन्हें तुरंत लोकसभा भंग करके देश में समय से पहले चुनाव करवा देने चाहिए।
गहलोत ने अपने बयान में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए दावे धरातल पर पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल जुमलों और झूठे वादों के सहारे सत्ता में बनी हुई है, जबकि जनता महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है। गहलोत के अनुसार, जनता अब बदलाव चाहती है।
पूर्व सीएम ने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी स्थिति में चुनाव के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है और आने वाले समय में जनता ही भाजपा के दावों की हकीकत तय करेगी। गहलोत की इस टिप्पणी ने राज्य की राजनीति में नई गर्माहट पैदा कर दी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गहलोत का यह बयान विपक्षी एकता को मजबूत करने और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। चुनाव नजदीक आते देख अब राजस्थान में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है, जिससे राजनीतिक पारा चढ़ गया है।