शिक्षा और करियर

RAS में तीसरी रैंक प्राप्त करने वाले नवनीत की प्रेरणादायक कहानी

Himanshu Meena 19 Apr, 2026 5 min read
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राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करने वाले नवनीत ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर प्रयास और परिवार के सहयोग को दिया है। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति जीवन में किसी न किसी पारिवारिक समस्या से जूझ रहा होता है, लेकिन लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना ही सफलता की कुंजी है। उनका मानना है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना बहुत आवश्यक है।

नवनीत ने अपनी तैयारी के दौरान आने वाली चुनौतियों का खुलकर सामना किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान कई बार हताशा महसूस होती थी, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ा। उनका मुख्य उद्देश्य समाज के निचले तबके की सेवा करना और प्रशासनिक कार्यों में ईमानदारी से अपना योगदान देना है।

एक अधिकारी के रूप में उनका लक्ष्य ऐसे स्तर तक पहुंचना है जहां वे आम लोगों की समस्याओं का प्रभावी समाधान कर सकें। वे मानते हैं कि प्रशासनिक सेवा में आने का अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाना है। वे युवा पीढ़ी के लिए एक आदर्श के रूप में उभर कर सामने आए हैं।

अंत में, नवनीत ने उन सभी अभ्यर्थियों को संदेश दिया जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं कि वे कभी भी अपनी मेहनत से समझौता न करें। उन्होंने कहा कि संघर्ष के बाद मिलने वाली सफलता का आनंद ही कुछ और होता है। उनके पिता और परिवार के सदस्यों ने भी उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस किया है।

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