कोटा पुलिस ने हाल ही में एक बड़े साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 43 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि जालसाजों के तार केवल देश के भीतर ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान और दुबई तक फैले हुए हैं। यह खुलासा साइबर सुरक्षा एजेंसी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद हुआ है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लोगों को निवेश के नाम पर लुभावने वादे देकर अपने जाल में फंसाया था। पीड़ित को भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में राशि जमा करवाई गई। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद तकनीकी सर्विलांस के जरिए इस गैंग के ठिकानों का पता लगाया गया।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े होने के कारण जांच काफी जटिल रही है। आरोपी इंटरनेट कॉलिंग और विभिन्न एन्क्रिप्टेड ऐप्स का उपयोग करके लोगों को निशाना बना रहे थे। विदेशों में बैठे मास्टरमाइंड के इशारे पर भारत में मौजूद कुछ स्थानीय लोग इस पूरे रैकेट को संचालित कर रहे थे, जिनकी पहचान अब पुलिस कर रही है।
फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। कोटा पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक या निवेश स्कीम पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्कता ही एकमात्र उपाय है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर सेल को देनी चाहिए।