श्रीगंगानगर जिले के गजसिंहपुरा के रहने वाले बलराम गहलोत ने आरएएस (RAS) परीक्षा में 478वीं रैंक हासिल कर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि इस मायने में खास है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के पूरी तरह से सेल्फ स्टडी के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। बलराम का यह सफर धैर्य और निरंतरता का एक बेहतरीन उदाहरण है।
बलराम ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या और परिवार के सहयोग को दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने संसाधनों की कमी के बावजूद अपने लक्ष्य से कभी ध्यान नहीं भटकने दिया और खुद के बनाए गए नोट्स और ऑनलाइन संसाधनों का भरपूर उपयोग किया। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं।
परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने न केवल पाठ्यक्रम को गहराई से समझा, बल्कि बार-बार अभ्यास पर भी जोर दिया। कठिन विषयों के लिए उन्होंने स्वयं की रणनीतियाँ तैयार कीं, जिससे उन्हें परीक्षा के दौरान सवालों को हल करने में काफी आसानी हुई। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी बड़ी परीक्षा को उत्तीर्ण किया जा सकता है।
बलराम की इस कामयाबी पर उनके गांव और परिवार में जश्न का माहौल है। लोग इसे एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं। बलराम का कहना है कि अब उनका मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवा में रहते हुए समाज के वंचित वर्गों की सेवा करना और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाना है।