जयपुर में ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। 3 मई से शहर में ई-रिक्शा के संचालन के लिए नए नियम प्रभावी होंगे, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा। यह पहल ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और आम लोगों को हो रही परेशानी को कम करने के उद्देश्य से की गई है।
नई व्यवस्था के तहत, सभी ई-रिक्शा के लिए क्यूआर कोड सिस्टम अनिवार्य किया जाएगा। इसके माध्यम से वाहन और चालक की पूरी जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगी। इससे न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि अवैध रूप से चल रहे रिक्शा की पहचान भी आसानी से की जा सकेगी। प्रशासन का मानना है कि यह तकनीक शहर की यातायात प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाएगी।
क्यूआर कोड के साथ-साथ कलर कोडिंग सिस्टम भी लागू किया जा रहा है। इसके जरिए शहर के विभिन्न जोन या रूट के आधार पर ई-रिक्शा को अलग-अलग रंगों से पहचाना जाएगा। यह प्रणाली रिक्शा चालकों को अनुशासित करने और यातायात के नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद करेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग और नगर निगम ने इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय रहते अपने ई-रिक्शा का पंजीकरण और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर लें। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि नियमों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।