राजस्थान के औद्योगिक हब भिवाड़ी में एक बार फिर औद्योगिक अशांति का माहौल देखने को मिल रहा है। मदरसन कंपनी में हुए विवाद के बाद अब रिलैक्सो और निफोन जैसी बड़ी कंपनियों के हजारों श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। इन श्रमिकों का मुख्य उद्देश्य न्यूनतम वेतन में बढ़ोत्तरी कर इसे 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग है।
श्रमिकों का आरोप है कि बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान वेतन से परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग की जा रही थी, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने के कारण आक्रोश बढ़ गया है। भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्रों में अब काम-काज पर असर पड़ने लगा है, जिससे प्रशासन भी चिंतित है।
प्रदर्शनकारी श्रमिकों का कहना है कि जब तक प्रबंधन उनकी 20 हजार रुपये के न्यूनतम वेतन की मांग को नहीं मानता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और कंपनी प्रशासन ने जल्द ही कोई ठोस समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और उग्र हो सकते हैं। इस घटनाक्रम से स्थानीय व्यापारिक जगत में भी बेचैनी है।
फिलहाल, भिवाड़ी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके। प्रशासन की ओर से मजदूर संगठनों और कंपनी प्रबंधन के बीच वार्ता कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए अब सभी की नजरें जिला प्रशासन और संबंधित कंपनियों के बीच होने वाली उच्च स्तरीय बैठकों पर टिकी हुई हैं।