राजस्थान में सरकारी परियोजनाओं का काम करने वाले ठेकेदार इन दिनों भारी संकट का सामना कर रहे हैं। लंबे समय से लंबित 4500 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान को लेकर ठेकेदारों ने अब सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। उनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे उनका आर्थिक ढांचा चरमरा गया है।
ठेकेदार संघ ने राज्य सरकार को एक सख्त अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनके बकाया का भुगतान नहीं किया गया, तो वे अपने काम को पूरी तरह से ठप कर देंगे। यह चेतावनी सरकार और संबंधित विभागों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है।
इस विरोध के तहत ठेकेदारों ने जल परियोजनाओं से जुड़ी सेवाओं को रोकने की धमकी दी है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो वे पेयजल आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं को बाधित करने के लिए मजबूर होंगे। इससे राज्य के कई इलाकों में जल संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है।
ठेकेदारों का आरोप है कि भुगतान न मिलने के कारण वे अपने मजदूरों का वेतन देने और नई सामग्री खरीदने में असमर्थ हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह इस संकट को कैसे सुलझाती है।