राजस्थान शिक्षा विभाग ने राज्य के स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करते हुए चार महत्वपूर्ण किताबों को हटाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभाग ने आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद अब इन किताबों को न तो स्कूलों में पढ़ाया जाएगा और न ही छात्र इन्हें पढ़ेंगे।
शिक्षा विभाग द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में इन किताबों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय शैक्षिक सामग्री को अद्यतन करने और पाठ्यक्रम को सुव्यवस्थित करने की प्रक्रिया के तहत लिया गया है, ताकि छात्रों पर अनावश्यक पढ़ाई का बोझ कम किया जा सके।
इस बदलाव से राज्य भर के शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रधानाध्यापक और संस्था प्रधान यह सुनिश्चित करें कि इन हटाई गई किताबों का उपयोग कक्षा शिक्षण में न हो। विभाग ने आगामी परीक्षाओं और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी नई गाइडलाइंस जारी करने के संकेत दिए हैं।
गौरतलब है कि राजस्थान में शिक्षा के स्तर में सुधार और पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर समय-समय पर विभिन्न समितियां गठित की जाती रही हैं। उसी कड़ी में यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब छात्र और शिक्षक विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूची का पालन करने के लिए बाध्य होंगे, ताकि शैक्षणिक सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।