जयपुर में एक डॉक्टर की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेशभर के निजी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और अन्य निजी चिकित्सक संगठनों ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिसके चलते कल सभी निजी अस्पतालों में ओपीडी और आईपीडी सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
डॉक्टरों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी ठोस जांच के निशाना बनाया जा रहा है, जो कि चिकित्सा पेशे के प्रति अपमानजनक है। इस प्रदर्शन के जरिए चिकित्सक अपनी सुरक्षा और कार्यस्थल पर गरिमापूर्ण माहौल की मांग कर रहे हैं। इस बंद से आम मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव बढ़ जाएगा।
आपातकालीन सेवाओं को इस बंद से बाहर रखा गया है ताकि गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। हालांकि, रूटीन चेकअप और पहले से तय सर्जरी को टालने की संभावना जताई जा रही है। एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।
प्रशासन की ओर से स्थिति को संभालने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मरीजों को किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना न करना पड़े। निजी अस्पतालों के संचालकों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सुरक्षा और सम्मान की गारंटी नहीं मिलती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे। शहर के प्रमुख अस्पतालों में सन्नाटा पसरा रहने की आशंका है।