राजस्थान सरकार ने राज्य में पिछले खाद संकट से सबक लेते हुए आगामी खरीफ सीजन के लिए कमर कस ली है। कृषि विभाग ने इस बार समय रहते पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण सुनिश्चित करने की योजना बनाई है ताकि किसानों को बुवाई के समय किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। सरकार का मुख्य जोर इस बात पर है कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी तरह की बाधा न आए।
खाद की किल्लत को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने एक सख्त निगरानी तंत्र विकसित करने का फैसला किया है। राज्य के सभी जिलों में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण पर उच्च स्तरीय अधिकारियों की सीधी नजर रहेगी। इसके साथ ही, जिला कलेक्टरों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर खाद की आपूर्ति की नियमित समीक्षा करें ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहे।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने फ्लाइंग स्क्वायड का गठन किया है। जो भी विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचते हुए या स्टॉक छिपाते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को उचित दाम पर खाद उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राज्य सरकार ने किसानों से भी अपील की है कि वे खाद की कालाबाजारी की शिकायत तुरंत स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराएं। इस नई कार्ययोजना के माध्यम से सरकार खरीफ सीजन में उर्वरकों की कालाबाजारी को पूरी तरह रोकने के लिए आश्वस्त है। उम्मीद है कि इस बार के सख्त इंतजामों से किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी।