Rajasthan News

RAS अधिकारी नियुक्त होता तो राज्य बेच देता: पेपर लीक आरोपी की जमानत रद्द

Himanshu Meena 15 Apr, 2026 5 min read
ADVERTISEMENT

राजस्थान में पेपर लीक मामले में एक आरोपी आरएएस अधिकारी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया। अदालत में सरकारी पक्ष की ओर से दलील दी गई कि यदि आरोपी को बहाल किया जाता या जमानत दी जाती, तो वह अपने पद का दुरुपयोग कर पूरे राज्य को बेचने जैसा काम कर सकता था। यह टिप्पणी प्रदेश में प्रशासनिक भ्रष्टाचार और परीक्षा तंत्र की साख पर उठ रहे सवालों के बीच काफी चर्चा में है।

न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट का मानना है कि इस तरह के अपराधों में शामिल अधिकारियों के प्रति नरमी बरतना समाज और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि आरोपी की भूमिका जांच में अत्यंत महत्वपूर्ण है और उसे बाहर रखने से सबूतों के साथ छेड़छाड़ की पूरी आशंका बनी हुई है।

पेपर लीक के मामलों में आरएएस स्तर के अधिकारियों का नाम आना प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के प्रति उनकी जीरो टॉलरेंस की नीति है और दोषियों को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार की इस दलील को कोर्ट द्वारा स्वीकार करना इस बात का संकेत है कि न्यायपालिका भी पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है।

इस घटना ने प्रदेश के लाखों उन अभ्यर्थियों के जख्मों को फिर से ताजा कर दिया है, जो अपनी मेहनत के दम पर सरकारी नौकरी का सपना देखते हैं। जमानत रद्द होने के बाद अब आरोपी को जेल में ही रहना होगा, जबकि मामले की जांच जारी है। राज्य भर में इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है और आम जनता उम्मीद कर रही है कि इससे भविष्य में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगेगा।

SPONSORED BY GOOGLE