राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर राज्य सरकार ने राजस्थान हाई कोर्ट में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने अदालत को सूचित किया है कि फिलहाल चुनाव कराने के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं, जिसके कारण दिसंबर तक भी इन चुनावों के आयोजन की संभावना कम नजर आ रही है।
राज्य सरकार द्वारा दी गई दलीलों में प्रशासनिक जटिलताओं और वार्ड परिसीमन जैसे तकनीकी कारणों का हवाला दिया गया है। सरकार का कहना है कि इन प्रक्रियाओं को पूरा करने में अभी समय लगेगा, जिसके बिना निष्पक्ष और व्यवस्थित चुनाव कराना संभव नहीं हो पाएगा।
वहीं, विपक्षी दलों और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों ने सरकार के इस रुख पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लंबे समय से जनप्रतिनिधियों के अभाव में स्थानीय स्तर पर विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं और आम जनता को अपने छोटे-मोटे कार्यों के लिए भी चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
अब सबकी नजरें हाई कोर्ट के अगले रुख पर टिकी हैं कि अदालत सरकार की दलीलों से संतुष्ट होती है या चुनाव आयोग को जल्द से जल्द चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश देती है। इस मामले में अगली सुनवाई पर सबकी निगाहें हैं, जो राजस्थान के स्थानीय प्रशासन के भविष्य को तय करेगी।