झुंझुनू जिले के चिड़ावा स्थित राजस्थान शिक्षण संस्थान में हाल ही में भक्तिमय वातावरण के बीच सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और प्रबंधन समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई, जिससे पूरा परिसर धर्ममय हो गया।
सुंदरकांड पाठ के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की चौपाइयों का सामूहिक गायन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का संचार करना और उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ना था। अध्यापकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों के मन में एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
विद्यालय परिसर में गूंजते भजनों और संगीतमय सुंदरकांड से वातावरण अत्यंत शांत और सुखद प्रतीत हो रहा था। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान भी जीवन के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण भी किया गया।
इस सुंदरकांड पाठ में स्थानीय निवासियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संस्थान की इस पहल की जमकर सराहना की। आयोजन के सफल समापन पर सभी ने सामूहिक आरती की और देश-प्रदेश में शांति व खुशहाली की कामना की। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया है।