राजस्थान के नागौर जिले में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने टेलीग्राम ऐप के माध्यम से लोगों को निशाना बनाने वाले एक 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को एक गिरोह का हिस्सा बताते हुए करीब सात हजार लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे लाखों रुपये की ठगी की है।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने टेलीग्राम पर फर्जी ग्रुप बनाए थे और लोगों को निवेश के नाम पर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया था। भोले-भाले निवेशकों को डिजिटल करेंसी या अन्य योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित कर उनसे मोटी रकम वसूली गई। जब लोगों ने अपना पैसा वापस मांगा, तो आरोपी ने उन्हें ब्लॉक कर दिया।
नागौर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया और आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान पता चला है कि आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से लोगों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई थी। फिलहाल, पुलिस आरोपी के अन्य साथियों की तलाश कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
साइबर विशेषज्ञों ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर पैसा निवेश करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और पुलिस लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के प्रति जागरूक भी कर रही है।