राजस्थान हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े मामलों में एक ऐतिहासिक और सुविधाजनक निर्णय लिया है, जिससे अब एनआरआई (NRI) दंपत्तियों को काफी राहत मिलेगी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि वैवाहिक विवादों और तलाक की कार्यवाही के दौरान अब विदेशों में रह रहे पक्षकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हो सकेंगे।
इस नए नियम के तहत, यदि कोई पक्षकार विदेश में है और किसी कारणवश भारत आकर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित नहीं हो पा रहा है, तो उसे वीडियो कॉल के जरिए अपनी बात रखने की अनुमति दी जाएगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि अनावश्यक कानूनी खर्चों से भी छुटकारा मिलेगा।
हाईकोर्ट का यह कदम न्यायिक प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अदालतों का मानना है कि तकनीक के उपयोग से न्याय प्रणाली अधिक सुलभ और प्रभावी हो जाएगी, जिससे लंबी कानूनी लड़ाइयों में फंसे लोगों को जल्द राहत मिल सकेगी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो काम के सिलसिले में विदेशों में रहते हैं और अदालती पेशी के लिए बार-बार भारत आना उनके लिए मुश्किल होता था। अब डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके कानूनी प्रक्रियाएं बिना किसी रुकावट के पूरी की जा सकेंगी।