राजस्थान के एक पूर्व सैनिक ने अपनी मेहनत और जुनून के दम पर एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे सुनकर हर कोई दंग रह जाता है। उन्होंने एक-दो नहीं बल्कि कुल 138 डिग्रियां हासिल करके वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह साबित करती है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
पूर्व सैनिक का नाम डॉ. विरम राम है, जो राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने जीवन के पिछले कई दशकों को केवल शिक्षा और ज्ञान प्राप्त करने में समर्पित कर दिया है। इतनी अधिक डिग्रियां हासिल करना एक साधारण उपलब्धि नहीं है, इसके लिए उन्होंने अटूट धैर्य और निरंतर अध्ययन का सहारा लिया है।
रमेश की पढ़ाई के प्रति इस दीवानगी को देखकर लोग उन्हें 'डिग्रियों के महाबली' के रूप में संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने अलग-अलग विषयों में अपनी महारत हासिल की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में गहन रुचि है। उनकी सफलता का यह सफर उन सभी लोगों के लिए एक मिसाल है जो संसाधन न होने या उम्र का बहाना बनाकर आगे बढ़ने से कतराते हैं।
अंत में, उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। डॉ. विरम राम का मानना है कि ज्ञान ही वह शक्ति है जो इंसान को समाज में एक नई पहचान दिलाती है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसे तोड़ना शायद आने वाले कई वर्षों तक किसी के लिए भी एक बड़ी चुनौती होगा।