राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रदेश में अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस को और अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं जहाँ आपराधिक घटनाएं अधिक हो रही हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से कहा है कि वे अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करें ताकि समाज में कानून का डर बना रहे। भजनलाल शर्मा ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि थानों में आने वाले हर आम नागरिक की सुनवाई तुरंत हो और उनकी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैल रही भ्रामक खबरों और अफवाहों पर भी लगाम लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस को निर्देशित किया है कि साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सुरक्षा के मामलों में पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी।
अधिकारियों को दिए गए इन फरमानों के बाद राजस्थान पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के इस 'एक्शन मोड' को राज्य में सुशासन और सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आम जनता ने भी उम्मीद जताई है कि इन सख्त निर्देशों के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार आएगा और अपराधी अपनी हरकतों से बाज आएंगे।