Education

राजस्थान में स्कूली छात्रों के सरनेम बदलने की घोषणा

Himanshu Meena 10 Apr, 2026 3 min read
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राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के सरनेम में बदलाव करने की बात कही गई है। इस निर्णय का उद्देश्य सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना और सभी छात्रों को एक समान पहचान प्रदान करना है। मंत्री का मानना है कि इस कदम से स्कूली बच्चों के बीच जातिगत आधार पर होने वाली असमानता कम होगी।

इस योजना के तहत, सरकार का लक्ष्य है कि बच्चों के नाम के साथ किसी भी प्रकार का जातिगत सूचक सरनेम न हो। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में छात्रों के आधिकारिक दस्तावेजों और स्कूल रिकॉर्ड में इस नई नीति को लागू किया जाएगा। इसे लेकर शिक्षा विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।

हालांकि, इस घोषणा के बाद से ही विभिन्न हलकों में बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इस कदम का समर्थन कर रहे हैं और इसे सामाजिक समरसता की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव मान रहे हैं। वहीं, कुछ विशेषज्ञों ने इसे एक जटिल प्रक्रिया बताया है और कहा है कि अभिभावकों की सहमति और कानूनी दस्तावेजों में सुधार करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

शिक्षा विभाग इस पूरे मामले पर गहनता से विचार कर रहा है ताकि किसी भी छात्र को भविष्य में कोई परेशानी न हो। मदन दिलावर ने जोर देकर कहा कि बच्चों का बचपन किसी भी तरह के सामाजिक पूर्वाग्रहों से मुक्त होना चाहिए। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में जाति मुक्त वातावरण बनाना है, ताकि सभी बच्चे पूरी तरह से अपनी पढ़ाई और विकास पर ध्यान दे सकें।

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