राजस्थान के उदयपुर शहर ने यातायात प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। शहर के एक प्रमुख चौराहे पर प्रदेश का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम स्थापित किया गया है। यह तकनीक पारंपरिक टाइमर-आधारित सिग्नलिंग से पूरी तरह अलग है और आधुनिक तकनीक का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है।
इस नई प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह रियल-टाइम में वाहनों के दबाव को भांप सकती है। सिग्नल पर लगे सेंसर और कैमरे सड़क पर मौजूद गाड़ियों की संख्या और उनकी कतारों का विश्लेषण करते हैं। इसके बाद, एआई सिस्टम खुद ही यह तय करता है कि किस तरफ की लाइट को कितनी देर के लिए हरा रखना है, जिससे अनावश्यक इंतजार से मुक्ति मिलती है।
इस स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करना है। अक्सर सामान्य सिग्नल पर जब एक तरफ ट्रैफिक नहीं होता, तब भी लाइट लाल रहती है, जिससे समय की बर्बादी होती है। एआई तकनीक अब इस खामी को दूर कर रही है, जिससे वाहनों का आवागमन अधिक सुगम और व्यवस्थित हो गया है।
प्रशासन का मानना है कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे शहर के अन्य व्यस्त चौराहों पर भी लागू किया जाएगा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत उठाए गए इस कदम से न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है। यह उदयपुर के 'स्मार्ट सिटी' बनने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रयास है।